फादर्स डे मनाएं: दैनिक भास्कर के साथ साझा करें अपने पिता की जीवन बदलने वाली सीख!
दैनिक भास्कर फादर्स डे के अवसर पर एक विशेष लेखन प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है, जिसमें प्रतिभागियों को
अपने पिताओं से मिली जीवन बदलने वाली सीख या यादगार अनुभवों को साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
पुरस्कार जीतने और फादर्स डे पर प्रकाशित होने के अवसर के लिए 17 जून तक हिंदी, गुजराती, मराठी या अंग्रेजी में अपनी कहानियां जमा करें।
इस फादर्स डे पर अपने पिता को एक खास प्रतियोगिता के साथ सम्मान दें!
फादर्स डे जल्द ही आने वाला है, और दैनिक भास्कर हमारे जीवन के अद्भुत पिताओं का जश्न मनाने के लिए एक दिल छू लेने वाली प्रतियोगिता शुरू कर रहा है। यह आपकी यात्रा पर आपके पिता के गहरे प्रभाव को साझा करने का आपका मौका है। चाहे वह कोई मार्गदर्शक सिद्धांत हो, कोई प्रिय स्मृति हो, या सलाह का कोई ऐसा टुकड़ा हो जिसने आपके दृष्टिकोण को बदल दिया हो, आपकी कहानी सुनी जानी चाहिए।
अपने पिता का ज्ञान साझा करें और जीतें!
दैनिक भास्कर आपको एक विशेष लेखन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित कर रहा है। अपने पिता से मिली अपनी सबसे प्रेरक किस्से, यादगार अनुभव या जीवन बदलने वाली सीख को सबमिट करें। यह आपके आभार व्यक्त करने और आपके जीवन में आपके पिता की अमूल्य भूमिका को स्वीकार करने का एक शानदार अवसर है।
कैसे भाग लें:
प्रतियोगिता सभी के लिए खुली है। आप अपनी कहानी हिंदी, गुजराती, मराठी या अंग्रेजी में साझा कर सकते हैं। प्रत्येक प्रविष्टि के लिए शब्द सीमा 250 शब्द है। पुरस्कारों के लिए विचार किए जाने के लिए अपनी कहानी 17 जून तक जमा करना सुनिश्चित करें।
रोमांचक पुरस्कार और मान्यता आपका इंतजार कर रहे हैं!
शीर्ष 60 कहानियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें से, 5 असाधारण कहानियों को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता मिलेगी, और 55 कहानियों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। राष्ट्रीय विजेताओं को टैबलेट से पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि राज्य स्तर के विजेताओं को स्मार्टवॉच मिलेगी। यह आपके पिता के प्रभाव और आपकी अपनी कहानी कहने की प्रतिभा का जश्न मनाने का एक शानदार तरीका है।
प्रतिष्ठित जूरी से मिलें:
आपकी प्रविष्टियों का मूल्यांकन साहित्यिक दिग्गजों के एक प्रतिष्ठित पैनल द्वारा किया जाएगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि सबसे प्रभावशाली और अच्छी तरह से लिखी गई कहानियों का चयन किया जाए। जूरी में शामिल हैं:
| जूरी सदस्य | सम्मान |
|---|---|
| ममता कालिया | राष्ट्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित |
| राजेश जोशी | साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित |
| अंबुज कुमार | कुसुमाग्रज पुरस्कार से सम्मानित |
इस अवसर को न चूकें!
यह प्रतियोगिता सिर्फ एक प्रतियोगिता से बढ़कर है; यह अपने पिता के साथ अपने बंधन को संजोने और उन्होंने जो ज्ञान दिया है उसका जश्न मनाने का एक मंच है। अपनी कहानी भेजने के लिए दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करें और इस फादर्स डे को अविस्मरणीय बनाएं। अपने पिता की शिक्षाओं को चमकने दें!
नोट: प्रतियोगिता की अंतिम तिथि 17 जून है। चयनित कहानियों को फादर्स डे, 21 जून को प्रकाशित किया जाएगा।
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FAQ's
फादर्स डे प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि क्या है?
दैनिक भास्कर फादर्स डे प्रतियोगिता के लिए अपनी कहानियां जमा करने की अंतिम तिथि 17 जून है।
मैं अपनी कहानी किस भाषा में जमा कर सकता हूँ?
आप अपनी कहानी हिंदी, गुजराती, मराठी या अंग्रेजी में जमा कर सकते हैं।
प्रतियोगिता विजेताओं के लिए पुरस्कार क्या हैं?
शीर्ष 5 राष्ट्रीय विजेताओं को एक टैबलेट मिलेगा, और 55 राज्य-स्तरीय विजेताओं को एक स्मार्टवॉच मिलेगी। इसके अतिरिक्त, 60 सर्वश्रेष्ठ कहानियों को फादर्स डे पर प्रकाशित किया जाएगा।
इस प्रतियोगिता के प्रतिष्ठित जूरी सदस्य कौन हैं?
जूरी में ममता कालिया (राष्ट्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित), राजेश जोशी (साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित), और अंबुज कुमार (कुसुमाग्रज पुरस्कार से सम्मानित) जैसी प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हैं।
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