राजस्थान की 10वीं पास भर्तियों के लिए अब CET अनिवार्य: एक बड़ा बदलाव
राजस्थान सरकार ने घोषणा की है कि अब 10वीं पास योग्यता वाली सभी सरकारी नौकरियों के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) अनिवार्य होगा।
इस कदम का उद्देश्य लैब अटेंडेंट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों जैसे पदों के लिए आने वाले आवेदनों की भारी संख्या को कम करना और भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।
राजस्थान की 10वीं पास सरकारी भर्तियों के लिए अब कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) अनिवार्य
राजस्थान के नौकरी चाहने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सरकार ने 10वीं पास योग्यता वाली सभी सरकारी भर्तियों के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) को अनिवार्य करने का फैसला किया है। इस निर्णय का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और इन पदों के लिए प्राप्त होने वाले आवेदनों की भारी संख्या को कम करना है।
10वीं पास के लिए CET की ओर यह बदलाव क्यों?
ऐतिहासिक रूप से, लैब अटेंडेंट या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों जैसे पदों के लिए सरकारी रिक्तियों में लाखों आवेदन आते रहे हैं। उदाहरण के लिए, केवल 52 लैब अटेंडेंट पदों के लिए भर्ती अभियान में 2 लाख आवेदन आए थे, जबकि चतुर्थ श्रेणी भर्ती में 24 लाख आवेदन आए थे। आवेदनों की यह भारी संख्या चयन प्रक्रिया को बोझिल और भर्ती बोर्डों के लिए चुनौतीपूर्ण बनाती है।
दसवीं कक्षा स्तर (सेकेंडरी स्तर) पर CET की शुरुआत से दो-स्तरीय परीक्षा प्रणाली तैयार होने की उम्मीद है। पहला चरण, CET, एक स्क्रीनिंग तंत्र के रूप में कार्य करेगा, जो बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को छांटेगा। इससे बाद की, अधिक विशिष्ट भर्ती परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा काफी कम हो जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक प्रबंधनीय और कुशल हो जाएगी।
CET कैसे काम करेगा?
10वीं पास नौकरियों के लिए प्रस्तावित CET दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रारंभिक चरण स्वयं CET होगा, जिसे क्षमताओं की एक विस्तृत श्रृंखला का आकलन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस पहले चरण को पास करने वाले उम्मीदवार तब विशिष्ट पदों के लिए वास्तविक भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण के लिए पात्र होंगे। यह बहु-चरणीय दृष्टिकोण पहले से ही कई अन्य राज्यों में लागू प्रणालियों के समान है।
CET मॉडल अपनाने वाले राज्य
राजस्थान इस दृष्टिकोण को अपनाने में अकेला नहीं है। हरियाणा जैसे राज्यों ने पहले ही माध्यमिक स्तर की भर्तियों के लिए इसी तरह का कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट लागू कर दिया है। इस मॉडल ने बड़ी आवेदक संख्या को प्रबंधित करने और एक अधिक केंद्रित चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने में प्रभावशीलता साबित की है।
नई CET के तहत संभावित रिक्तियां
10वीं स्तर की CET के कार्यान्वयन के साथ, कई लोकप्रिय सरकारी नौकरी श्रेणियों को इसके दायरे में लाए जाने की उम्मीद है। इनमें फॉरेस्ट गार्ड, एक्साइज कांस्टेबल, लैब अटेंडेंट और विभिन्न चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जैसे पद शामिल हैं। राजस्थान सरकार ने भर्ती बोर्ड को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें सुझाव दिया गया है कि 8-10 विभिन्न भर्तियों को इस नई CET के तहत कवर किया जा सकता है।
दो-स्तरीय परीक्षा प्रणाली के लाभ
इस प्रणाली का प्राथमिक लाभ प्रत्येक व्यक्तिगत भर्ती के लिए आवेदकों की संख्या में कमी है। यह अधिकारियों के लिए निगरानी और मूल्यांकन प्रक्रिया को बहुत आसान बनाता है। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करता है कि अंतिम भर्ती परीक्षाओं में भाग लेने वाले उम्मीदवार वास्तव में इच्छुक और योग्य हैं, जिन्होंने पहले ही एक प्रारंभिक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है।
भर्ती बोर्ड CET के विवरण पर सक्रिय रूप से चर्चा कर रहे हैं, और इसके कार्यान्वयन के संबंध में एक औपचारिक घोषणा जल्द ही अपेक्षित है। यह बदलाव राजस्थान में सरकारी नौकरियों के लिए एक अधिक संगठित और कुशल भर्ती प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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FAQ's
कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) क्या है?
कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) विभिन्न सरकारी नौकरी की भर्तियों के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग के लिए डिज़ाइन की गई एक प्रारंभिक परीक्षा है। इसका उद्देश्य सामान्य पात्रता मानदंडों के आधार पर उम्मीदवारों को फ़िल्टर करके विशिष्ट नौकरी परीक्षाओं के लिए आवेदकों की संख्या को कम करना है।
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