Rajasthan Divyang Girls Stipend 2026-27 – Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | Stipend for Girls |
| शैक्षणिक सत्र | 2026-27 |
| योजना के अंतर्गत | Inclusive Education – CWSN |
| लाभार्थी | विशेष आवश्यकता वाली/दिव्यांग बालिकाएं |
| कक्षा स्तर | कक्षा 1 से 12 तक |
| स्टाइपेंड | ₹200 प्रति माह |
| अवधि | 10 माह |
| कुल वार्षिक लाभ | ₹2,000 प्रति छात्रा |
| कुल लाभार्थी लक्ष्य | 24,252 |
| कक्षा VIII तक लक्ष्य | 17,869 |
| कक्षा XII तक लक्ष्य | 6,383 |
| कुल बजट | ₹485.04 लाख |
| कुल बजट लगभग | ₹4.85 करोड़ |
| भुगतान का माध्यम | DBT |
| आधिकारिक पोर्टल | Rajasthan Shala Darpan |
| Official Guideline | Stipend for Girls Year 2026-27 |
आधिकारिक PDF में कक्षा VIII तक 17,869 और कक्षा XII तक 6,383 छात्राओं का लक्ष्य तथा कुल 24,252 छात्राओं के लिए ₹485.04 लाख का वित्तीय प्रावधान दिया गया है।
📅 क्या आवेदन की Last Date जारी हुई है?
2026-27 के उपलब्ध आधिकारिक Stipend for Girls guideline में सामान्य छात्रा के लिए अलग से कोई स्पष्ट “Online Application Last Date” नहीं दी गई है।
इसलिए इसे किसी सामान्य ऑनलाइन भर्ती/स्कॉलरशिप फॉर्म की तरह अंतिम तारीख के आधार पर न देखें।
पात्र छात्राओं को अपने विद्यालय से संपर्क करके यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका CWSN रिकॉर्ड और आवश्यक विवरण विभागीय प्रक्रिया में सही तरीके से दर्ज/सत्यापित हैं।
💰 हर महीने ₹200, 10 महीने तक मिलेगा पैसा
योजना के तहत पात्र छात्राओं को:
₹200 प्रति माह × 10 माह = ₹2,000
की सहायता मिलेगी।
अर्थात यदि छात्रा पूरे निर्धारित 10 माह के लिए पात्र रहती है, तो उसे कुल ₹2,000 का स्टाइपेंड मिलेगा।
आधिकारिक योजना दस्तावेज में स्टाइपेंड की यूनिट कॉस्ट ₹0.02000 लाख यानी ₹2,000 प्रति छात्रा रखी गई है और इसे 10 माह के लिए ₹200 प्रति माह के आधार पर निर्धारित किया गया है।
📅 स्टाइपेंड कितने महीने मिलेगा?
योजना के तहत स्टाइपेंड 10 महीने के लिए दिया जाएगा।
आपके द्वारा भेजी गई अखबार की खबर में इस अवधि को अगस्त से मई बताया गया है। योजना की मूल दर आधिकारिक दिशा-निर्देश में ₹200 प्रति माह × 10 माह है।
👧 कितनी दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा लाभ?
राजस्थान में इस योजना के लिए कुल 24,252 छात्राओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
| स्तर | छात्राओं की संख्या | वित्तीय प्रावधान |
|---|---|---|
| कक्षा VIII तक (Elementary) | 17,869 | ₹357.38 लाख |
| कक्षा XII तक (Secondary) | 6,383 | ₹127.66 लाख |
| कुल | 24,252 | ₹485.04 लाख |
यह आंकड़े सीधे 2026-27 के आधिकारिक दिशा-निर्देश में दिए गए हैं।
🏫 कक्षा 1 से 12 तक की छात्राओं के लिए योजना
यह योजना Children with Special Needs (CWSN) के अंतर्गत दिव्यांग बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए है।
आधिकारिक योजना में:
- Elementary Education – Highest Class VIII
- Secondary Education – Highest Class XII
के लिए अलग-अलग प्रावधान किया गया है।
इसलिए योजना को केवल कक्षा 9 से 12 की छात्राओं तक सीमित नहीं समझना चाहिए। आधिकारिक 2026-27 बजट में कक्षा VIII तक और XII तक दोनों स्तरों के लिए अलग लक्ष्य दिया गया है।
किन बालिकाओं को मिलेगा स्टाइपेंड?
दिशा-निर्देशों के अनुसार Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 में परिभाषित 21 श्रेणियों में आने वाली विशेष आवश्यकता वाली बालिकाएं इस योजना के अंतर्गत पात्र हो सकती हैं।
इसमें सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक अध्ययनरत विशेष आवश्यकता वाली बालिकाओं को शामिल किया गया है। पात्र बालिकाओं के पास संबंधित सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र होना आवश्यक बताया गया है।
प्रमुख पात्रता
- बालिका राजस्थान के सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत हो।
- बालिका कक्षा 1 से 12 में पढ़ रही हो।
- बालिका निर्धारित विशेष आवश्यकता/दिव्यांगता श्रेणी में आती हो।
- संबंधित सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र उपलब्ध हो।
- योजना के अनुसार निर्धारित अन्य शर्तें पूरी करनी होंगी।
🪪 UDID/PID और दिव्यांगता रिकॉर्ड क्यों महत्वपूर्ण है?
लाभार्थी की पहचान और पात्रता सुनिश्चित करने के लिए छात्रा का दिव्यांगता संबंधी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण है।
इस प्रकार पात्र छात्राओं के CWSN/दिव्यांगता रिकॉर्ड को सही एवं अपडेट रखना जरूरी है। स्कूल स्तर पर उपलब्ध रिकॉर्ड और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर लाभार्थी की जानकारी आगे की प्रक्रिया में इस्तेमाल की जाती है।
🏦 बैंक और DBT से जुड़ी जानकारी
योजना के आधिकारिक दस्तावेज में लाभार्थी से संबंधित बैंक विवरण/IFSC आदि के लिए प्रारूप भी शामिल किया गया है। इसलिए पात्र छात्रा के बैंक खाते से संबंधित जानकारी सही होना महत्वपूर्ण है।
ध्यान रखें:
- बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए।
- बैंक विवरण सही होना चाहिए।
- IFSC जैसी जानकारी में गलती नहीं होनी चाहिए।
- छात्रा के रिकॉर्ड में नाम/अन्य विवरण सही होना चाहिए।
- DBT से संबंधित किसी समस्या की स्थिति में विद्यालय/संबंधित अधिकारी से संपर्क करें।
🏫 योजना का बजट किस प्रकार निर्धारित किया गया है?
आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार:
| शिक्षा स्तर | लाभार्थी छात्राएं | प्रति छात्रा लाभ | कुल बजट |
|---|---|---|---|
| प्रारंभिक – कक्षा VIII तक | 17,869 | ₹2,000 | ₹357.38 लाख |
| माध्यमिक – कक्षा XII तक | 6,383 | ₹2,000 | ₹127.66 लाख |
| कुल | 24,252 | ₹2,000 | ₹485.04 लाख |
📍 राजस्थान के जिलों के लिए आधिकारिक आंकड़े
Official PDF में जिलेवार Elementary और Secondary स्तर के लक्ष्य दिए गए हैं। उदाहरण के तौर पर:
| जिला | Elementary छात्राएं | Secondary छात्राएं | कुल |
|---|---|---|---|
| अजमेर | 647 | 272 | 919 |
| अलवर | 467 | 171 | 638 |
| बालोतरा | 315 | 101 | 416 |
| बांसवाड़ा | 588 | 297 | 885 |
| बारां | 466 | 148 | 614 |
| बाड़मेर | 608 | 188 | 796 |
| भीलवाड़ा | 799 | 243 | 1,042 |
| बीकानेर | 651 | 208 | 859 |
| जयपुर | 754 | 421 | 1,175 |
| जैसलमेर | 214 | 40 | 254 |
| जोधपुर | 623 | 187 | 810 |
| पाली | 409 | 145 | 554 |
| फलोदी | 257 | 105 | 362 |
| राजसमंद | 698 | 185 | 883 |
| सिरोही | 402 | 137 | 539 |
| टोंक | 422 | 135 | 557 |
| उदयपुर | 511 | 162 | 673 |
Official PDF की district-wise table में Jodhpur के लिए 623 Elementary और 187 Secondary, कुल 810 का आंकड़ा दर्ज है।
महत्वपूर्ण सुधार: आपके द्वारा भेजी गई अखबार की कटिंग में जोधपुर के लिए 683 + 187 = 870 लिखा है, लेकिन 2026-27 के राजस्थान शाला दर्पण के आधिकारिक PDF में Jodhpur = 623 Elementary + 187 Secondary = 810 है। इसलिए वेबसाइट/ब्लॉग में आधिकारिक आंकड़े 810 को ही प्राथमिकता देना सही रहेगा।
🏆 जोधपुर में 870 या 810? सही आंकड़ा कौन सा है?
यह सबसे महत्वपूर्ण clarification है।
अखबार की कटिंग में:
| स्तर | अखबार में संख्या |
|---|---|
| एक स्तर | 683 |
| दूसरा स्तर | 187 |
| कुल | 870 |
Official 2026-27 Guideline में:
| स्तर | आधिकारिक संख्या |
|---|---|
| Elementary | 623 |
| Secondary | 187 |
| कुल | 810 |
इसलिए सरकारी वेबसाइट पर आधारित ब्लॉग में 810 ही लिखा जाना चाहिए।
📊 जोधपुर संभाग के आंकड़े
आपकी भेजी हुई खबर में जोधपुर संभाग के लिए निम्न आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं:
| जिला | प्रारंभिक | माध्यमिक | कुल |
|---|---|---|---|
| जोधपुर | 683 | 187 | 870 |
| फलोदी | 257 | 105 | 362 |
| बाड़मेर | 608 | 188 | 796 |
| बालोतरा | 315 | 101 | 416 |
| जैसलमेर | 214 | 40 | 254 |
| पाली | 409 | 145 | 554 |
| सिरोही | 402 | 37 | 439 |
यह तालिका अखबार की आपके द्वारा भेजी गई कटिंग के अनुसार है।
ध्यान दें: Official 2026-27 PDF के आंकड़ों को प्राथमिकता देने पर जोधपुर और सिरोही सहित कुछ आंकड़ों में अंतर दिखाई देता है। इसलिए ब्लॉग के मुख्य आंकड़ों के लिए सरकारी PDF को आधार बनाया गया है।
🎯 योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सरकार द्वारा यह योजना दिव्यांग बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:
- दिव्यांग बालिकाओं का स्कूल में नामांकन बढ़ाना।
- छात्राओं को स्कूल में बनाए रखना।
- दिव्यांगता के कारण पढ़ाई छोड़ने की संभावना कम करना।
- छात्राओं को आर्थिक प्रोत्साहन देना।
- समावेशी शिक्षा को मजबूत करना।
- CWSN बालिकाओं को सामान्य स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बेहतर अवसर देना।
अखबार की खबर में भी बताया गया है कि दिव्यांग बालिकाएं अपनी निशक्तता के कारण पढ़ाई बीच में न छोड़ें, इसी उद्देश्य से यह प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है।
💵 बजट का उपयोग
योजना के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए किया जाना है।
आपके द्वारा भेजी गई खबर के अनुसार संस्था प्रधान इस राशि का उपयोग किसी अन्य मद में नहीं कर सकेंगे।
Official guideline में भी योजना के लिए अलग वित्तीय प्रावधान C726 एवं C4696 के अंतर्गत दर्शाया गया है।
🔍 योजना की Monitoring कैसे होगी?
Official guideline में योजना के लिए Monitoring Mechanism का भी प्रावधान किया गया है।
CWSN लाभार्थियों की जानकारी एवं योजना के क्रियान्वयन की निगरानी संबंधित शिक्षा विभागीय अधिकारियों एवं संबंधित स्तरों के माध्यम से की जाएगी।
योजना के क्रियान्वयन में संबंधित विद्यालय, ब्लॉक/जिला स्तर के शिक्षा अधिकारी तथा CWSN से जुड़े अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन एवं सत्यापन के लिए मुख्य रूप से निम्न दस्तावेज/जानकारी उपयोगी रहेगी:
- छात्रा का आवेदन पत्र
- फोटो
- दिव्यांगता प्रमाण-पत्र
- आधार कार्ड/जन आधार संबंधी जानकारी
- बैंक खाते की जानकारी
- विद्यालय संबंधी विवरण
- U-DISE Code
- अभिभावक के हस्ताक्षर
- विद्यालय प्रधान/प्रधानाचार्य द्वारा प्रमाणन
नोट: अंतिम रूप से आवश्यक दस्तावेज संबंधित विद्यालय/शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही प्रस्तुत करें।
आवेदन कैसे करना होगा?
इस योजना के लिए दस्तावेज में विद्यालय स्तर से आवेदन एवं सत्यापन की प्रक्रिया बताई गई है। पेज 5 पर राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा “स्टाइपेंड भत्ता (Stipend for Girls) हेतु आवेदन पत्र” का प्रारूप भी दिया गया है।
आवेदन पत्र में छात्रा से संबंधित निम्न जानकारी मांगी गई है:
- छात्रा का नाम
- पिता का नाम
- माता का नाम
- जन्म तिथि
- कक्षा
- स्थायी पता
- S.R. Number
- दिव्यांगता/दोष का प्रकार एवं प्रतिशत
- PEEO/UEEO का नाम
- ब्लॉक
- विद्यालय का नाम
- U-DISE Code
- आधार कार्ड नंबर
- जन आधार नंबर
- बैंक का नाम
- बैंक खाता संख्या
- IFSC Code
- फोटो एवं आवश्यक प्रमाणन
📝 Rajasthan Divyang Girls Stipend 2026-27 – आवेदन कैसे करें?
⚠️ सबसे जरूरी बात
यह योजना ऐसी सामान्य छात्रवृत्ति नहीं है जिसमें छात्रा किसी खुले पोर्टल पर जाकर स्वयं एक साधारण ऑनलाइन फॉर्म भरकर आवेदन कर दे।
आधिकारिक दिशा-निर्देशों में योजना के क्रियान्वयन में स्कूल/शिक्षा विभागीय स्तर, CWSN रिकॉर्ड और विभागीय प्रक्रिया की भूमिका निर्धारित है। योजना का बजट और लाभार्थी प्रक्रिया विभागीय प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाती है।
आवेदन/लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया
Step 1: छात्रा राजस्थान के पात्र विद्यालय में अध्ययनरत हो।
Step 2: छात्रा का CWSN/दिव्यांगता संबंधी रिकॉर्ड विद्यालय एवं विभागीय रिकॉर्ड में सही होना चाहिए।
Step 3: छात्रा/अभिभावक अपने विद्यालय के संस्था प्रधान/प्रधानाचार्य या संबंधित CWSN प्रभारी से संपर्क करें।
Step 4: विद्यालय स्तर पर पात्र छात्राओं की जानकारी एवं रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
Step 5: विभागीय प्रक्रिया के अनुसार पात्र लाभार्थियों का विवरण आगे भेजा जाएगा।
Step 6: लाभार्थी के आवश्यक बैंक/DBT विवरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्वीकृत स्टाइपेंड DBT के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
आधिकारिक दिशा-निर्देश में योजना के लिए DBT आधारित भुगतान का प्रावधान है और योजना को “Inclusive Education – Provision for Children with Special Needs (CWSN) – Stipend for Girls” के अंतर्गत रखा गया है।
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