भारत के कई राज्यों, विशेष रूप से हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में जलभराव (Water Logging) एवं लवणीयता (Salinity) कृषि उत्पादन के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। इसी समस्या के समाधान और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा जलभराव एवं लवणीय भूमि सुधार परियोजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत प्रभावित भूमि का सुधार कर उसे दोबारा खेती योग्य बनाया जाता है।
योजना का उद्देश्य
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जलभराव और लवणीयता से प्रभावित भूमि को सुधारकर कृषि उत्पादन बढ़ाना है।
मुख्य उद्देश्य:
- उप-सतही (Sub Surface) एवं ऊर्ध्वाधर (Vertical) जल निकासी प्रणाली का निर्माण।
- किसानों की भागीदारी के साथ भूमि सुधार कार्य।
- लवणीय पानी की पर्यावरण अनुकूल निकासी।
- सुधारी गई भूमि की उत्पादकता को बनाए रखना।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
राज्य के भू-जल सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 9.82 लाख एकड़ भूमि जलभराव एवं लवणीयता से प्रभावित पाई गई है, जिनमें से लगभग 1.74 लाख एकड़ भूमि अत्यधिक प्रभावित है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर भूमि सुधार कार्यक्रम शुरू किया है।
भूमि सुधार की तकनीकें
इस योजना के अंतर्गत निम्न तकनीकों का उपयोग किया जाता है:
| तकनीक | विवरण |
|---|---|
| Sub Surface Drainage System | जहां भूजल अत्यधिक खारा है |
| Vertical Drainage System | जहां भूजल कम खारा है, वहां शैलो ट्यूबवेल |
| Integrated Bio-Drainage System | पौधों एवं नमक प्रतिरोधी वृक्षों का रोपण |
| मत्स्य पालन | जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त आय का स्रोत |
पात्रता
इस योजना के लिए आवेदन करने वाले किसान को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी:
- भूमि परियोजना क्षेत्र में स्थित हो।
- केवल भूमि मालिक (Land Owner) ही आवेदन कर सकता है।
- राजस्व रिकॉर्ड एवं बैंक विवरण उपलब्ध होना चाहिए।
- किसान की लिखित सहमति आवश्यक है।
आवेदन शुल्क
योजना में आवेदन करते समय किसान को:
₹1000 पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा।
यह राशि किसान के हिस्से के रूप में समायोजित कर दी जाएगी।
किसानों का योगदान
भूमि सुधार कार्य में किसानों को कुल लागत का लगभग 20% योगदान देना होगा।
अनुमानित योगदान:
| प्रणाली | किसान का अनुमानित योगदान |
|---|---|
| उप-सतही जल निकासी प्रणाली | ₹9,000 प्रति एकड़ |
| ऊर्ध्वाधर जल निकासी प्रणाली | ₹7,000 प्रति एकड़ |
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र
- भूमि का राजस्व रिकॉर्ड
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- लिखित सहमति पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- "जलभराव एवं लवणीय भूमि सुधार योजना" विकल्प चुनें।
- किसान पंजीकरण करें।
- आवश्यक व्यक्तिगत एवं भूमि संबंधी जानकारी भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें।
- ₹1000 पंजीकरण शुल्क जमा करें।
- आवेदन फॉर्म सबमिट करें।
- आवेदन की रसीद डाउनलोड करें।
आवेदन लिंक
पीडीएफ में आवेदन पोर्टल का सीधा URL नहीं दिया गया है। दस्तावेज़ के अनुसार आवेदन कृषि विभाग के पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
यदि यह हरियाणा सरकार की परियोजना है (दस्तावेज़ में रोहतक, सोनीपत, झज्जर एवं चरखी दादरी जिलों का उल्लेख है), तो आधिकारिक कृषि विभाग की वेबसाइट:
महत्वपूर्ण शर्तें
- एक क्लस्टर में कम से कम 250 एकड़ प्रभावित भूमि होनी चाहिए।
- संबंधित क्षेत्र के 100% किसानों की सहमति आवश्यक है।
- सभी किसानों की सहमति मिलने के बाद ही कार्य शुरू होगा।
- यदि सहमति नहीं मिलती है तो पंजीकरण शुल्क वापस किया जाएगा।
- परियोजना क्षेत्र में आवश्यक संरचनाओं के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध करानी होगी।

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